बचपन की शायरी एक खास तरह की शायरी है, यह शायरियां अक्सर बचपन में बिताई गई बातों को याद करके लिखी और पढ़ी जाती है. आज की शायरी के कलेक्शन में हमने पेश की है ऐसे ही कुछ बचपन की शायरियां , जिसे पढ़कर आपकी बचपन की यादें और भी ताजा हो जाएगी.
Bachpan ki Shayari in Hindi – बचपन की यादों को फिर से जिंदा करती खूबसूरत शायरी
बचपन की शायरी एक ऐसी शायरी है जिसे पढ़कर हमें हमारी बचपन की यादें ताजा हो जाती है. यह शायरी एक बहुत ही खास तरह की शायरी है, इस शायरी में लिखी गई बातें हमें बचपन में बीते गई कुछ खास यादों को ताजा करने में मदद करती है. अगर आप भी अपनी बचपन की यादों को और भी ताजा करना चाहते हो तो, बचपन की याद देने वाली शायरी आपकी बहुत काम आ सकती है.
वो बचपन की हंसी, वो मासूम मुस्कान,
खेलते थे हम खुली हवाओं के बीच जान..!
हर दिन था जादू, हर पल था गीत,
वो बीते लम्हे बन गए यादों की रीत..!
झूलों की वो सैर, मिट्टी की खुशबू,
दोस्ती का वो रंग, बचपन का जादू..!
कितनी नादानियाँ, कितनी बातें थी,
वो बचपन की यादें आज भी हैं साथ हमारी..!
बचपन के दिन थे फूलों जैसे,
हर खुशी थी झूमती जैसे..!
नफ़रत से दूर, प्यार की बात,
वो दिन थे जैसे ज़िंदगी की सौगात..!
गिलास में था दूध, हाथों में थी मिट्टी,
माँ की ममता थी, जैसे स्वर्ग की झलक..!
बचपन की वो हंसी, बचपन का वो प्यार,
हमेशा रहेगा दिल में वो सच्चा एहसास..!
गली के वो खेल, छुपन-छुपाई के रंग,
दोस्ती की वो खुशबू, सपनों के संग..!
हर याद में छुपा है बचपन का प्यार,
जो लौटकर आए तो मिट जाएं सारे बिखराव..!
छोटी-छोटी खुशियाँ, बड़ी-सी आशा,
बचपन के दिन थे जैसे कोई काशा..!
मासूमियत भरे वो नज़ारे,
संग थे जब सब अपने प्यारे..!
टॉफी की मिठास, दोस्तों की बात,
बचपन के दिन थे जैसे रातों की सौगात..!
ना कोई फिक्र थी, ना कोई डर,
हर लम्हा था बस प्यार का असर..!
धूप में खेलते थे, बारिश में भीगते थे,
खुशियों की दुनिया में खुद को खो देते थे..!
बचपन के ये दिन, लौटकर ना आएंगे,
पर यादों के झरोखे में सदाबहार रहेंगे..!
कागज़ की नाव, मिट्टी के घर,
खेलते थे हम सपनों के अंदर..!
बचपन की वो प्यारी बातें,
आज भी दिल को छू जाती हैं..!
माँ की लोरी, पापा की ममता,
बचपन की वो मीठी सी झलक..!
दिल में बसी है वो यादें सारी,
जो हमेशा रहेंगी प्यारी..!
बचपन की दुनिया कितनी खास थी,
हर खुशी में थी एक नई आस थी..!
ख्वाबों की उड़ान थी, मन की शांति थी,
वो पल थे जिनमें थी बस सच्चाई थी..!
गुब्बारे उड़ाते थे आसमान में,
नन्हे कदमों की थी पहचान में..!
हर दिन था उत्सव, हर रात थी प्यारी,
बचपन की यादें हैं दिल की भारी..!
खेतों की खुशबू, पेड़ों की छाँव,
बचपन की वो मासूम परछाई..!
हर बात में थी सच्चाई और प्यार,
वो लम्हे थे जैसे स्वर्ग के तार..!
रंगीन पतंगें, खुली हवा,
बचपन की वो मीठी दुआ..!
हर दिन था जैसे त्योहार,
दिल में थी बस प्यार की बात..!
चाँद के नीचे खेलते थे हम,
सितारों की छांव में गाते थे हम..!
बचपन के वो नाजुक पल,
दिल के करीब रहते हैं हर पल..!
मिट्टी में खेलना, गीली मिट्टी की खुशबू,
बचपन की वो मस्ती, दिल से जुड़ी हुई..!
हर लम्हा था खास, हर दिन था रोशन,
वो यादें हैं जीवन की सबसे प्यारी गाथा..!
खुशियों की दुनिया, मासूमियत की छाँव,
बचपन की वो प्यारी यादों की नाव..!
जो बहा ले जाए दिल को कहीं दूर,
जहाँ हो सिर्फ प्यार का सूर..!
खेलते थे हम खुले आँगन में,
हँसते थे हम बेफिक्र मन में..!
बचपन की वो दिन कितने प्यारे,
जो दिल में हमेशा बसे हमारे..!
टूटी हुई घड़ियाँ, बचपन के खेल,
दिल को छू जाएं जैसे फुहारों के मेले..!
हर याद में बसती है एक कहानी,
जो लाती है दिल को पुरानी जवानी..!
खुले आसमान तले हमने जिए थे दिन,
हर खुशी थी हमारी, हर सपना था बिन..!
बचपन की यादें दिल में बसी हैं,
जो हर मोड़ पर साथ चली हैं..!
माँ की गोदी, पापा की हँसी,
बचपन के दिन थे जैसे बंसी..!
हर लम्हा था प्यार भरा गीत,
जो दिल में बजता है अभी भी जीत..!
बचपन की वह बातें, नादानियाँ सारी,
दिल में बसी हुई मासूमियता प्यारी..!
वो दिन, वो पल, वो मीठी यादें,
जो बनाते हैं जीवन को सुनहरी सादे..!
छुपा था बचपन में एक दुनिया नई,
जहाँ थी खुशियाँ और हर बात थी सही..!
वो दिन कभी न लौटेंगे वापस,
पर यादों में रहेगें हमेशा हमारे साथ..!
Bachpan Shayari 2 Line in Hindi – मासूमियत से भरी बचपन की शानदार शायरी
हमारी शायरी की कलेक्शन में हमने पेश की है बचपन की याद देने वाली शायरी वह भी दो लाइन में. यह शायरियां केवल दो लाइन की है , लेकिन इस तरह की शायरी केवल दो लाइन में ही आपकी यादों को ताजा करने में सक्षम है. अगर आप कुछ इस तरह की छोटी लाइन वाली शायरी ढूंढ रहे हो, तो हमारी लिखी गई शायरी हो सकती है आपके दिल को छू जाए.
छोटी-छोटी खुशियाँ और मासूम बातें,
बचपन के वो पल हैं सबसे खास यादें..!
बचपन की वो हँसी, वो मीठी बातें,
हर दिन थे जैसे नए जादू की रातें..!
मिट्टी में खेलना, पानी में भीगना,
बचपन की वो मस्ती कभी न भूलेगा मन..!
न जाने कितनी खुशियाँ मिलती थीं उस वक्त,
जहाँ ना था कोई ग़म, सिर्फ़ था बचपन का वक्त..!
नन्हे कदमों की वो मीठी चाल,
सपनों से भरी बचपन की मिसाल..!
बचपन के वो दोस्त, वो खेल और वो प्यार,
दिल के सबसे प्यारे हमारे बहार..!
माँ की गोद में जो सुकून था, वो कहाँ,
बचपन के दिन थे जैसे स्वर्ग का जहाँ..!
कागज़ की नाव और बारिश की बूंदें,
बचपन के दिन थे सबसे खूबसूरत यादें..!
ना कोई झगड़ा, ना कोई फिक्र थी,
बस बचपन की खुशियों की बारी थी..!
रंगीन सपनों से भरा बचपन का आसमान,
हर खुशी थी यहाँ हमारे छोटे जहान..!
चंदन की खुशबू और मिट्टी की महक,
बचपन की यादें दिल को छू जाती हैं हद तक..!
नन्हें हाथों में थे बड़े-बड़े सपने,
बचपन की मासूमियत में छुपे थे रंग कई..!
सपनों की दुनिया, हँसी का सागर,
बचपन का वो प्यारा नज़ारा है ज़बरदस्त..!
खेल-खेल में सीखे हमने ज़िन्दगी के सबक,
बचपन की वो सीखें आज भी दिल में रख..!
बचपन की यादें जो दिल में समा जाएं,
हर पल में खुशियाँ बस बहार लाएं..!
नदियों में तैरना, पेड़ों पर चढ़ना,
बचपन की मस्ती कभी न मरना..!
मिट्टी से बनी थीं हमारे बचपन की गलियाँ,
जहाँ हर खुशी थी हमारी हँसी की पलियाँ..!
बचपन की वो गलियों की यादें हैं खास,
जहाँ हर दिन था जैसे कोई त्यौहार पास..!
बचपन के दिन थे जैसे फूलों की खुशबू,
हर साँस में थी बस मीठी सी हवा की झू..!
हँसते-खेलते बीते थे वो बचपन के पल,
आज भी दिल को छू जाते हैं जब भी याद आए वो छल..!
मासूमियत थी हर बात में बचपन की,
सपनों का जहाँ था बस आँखों की रोशनी..!
छोटी-छोटी खुशियों से था भरा जहाँ,
बचपन के दिन थे जैसे खुदा का फ़रिश्ता यहाँ..!
बचपन की वो मिठास और प्यार की बातें,
जिन्हें भूलाना नामुमकिन है जीवन के रास्ते..!
कागज़ के जहाज़ और बारिश के खेल,
बचपन के वो दिन दिल में हमेशा रहे..!
बचपन की वो मस्ती और नन्हे कदम,
हर पल में बसी है खुशियों की तमाम कम..!
Bachpan ki Yaad Shayari in Hindi – बचपन के मासूम लम्हों को छूती हुई यादगार शायरी
शायरी तो हर किसी को पसंद आती है लेकिन बचपन के ऊपर लिखी गई शायरी की कुछ बातें अलग है. इस तरह की शायरी बहुत ही खास अंदाज में लिखी जाती है. इस तरह की शायरी दिल को सुकून देने में मदद करती है. बचपन में बीते गई कुछ खास पलों को कागज में उतारने का कला को बचपन की याद वाली शायरी कहते हैं. यह शायरियां बहुत ही मासूम और दिल को छू जाने वाली होती है. अगर आपको इस तरह की शायरियां पसंद है तो आप हमारी लिखी गई शायरियां जरूर पढ़ सकते हैं.
मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है
उम्र का बेहतरीन हिस्सा है..!
किताबों से निकल कर तितलियाँ ग़ज़लें सुनाती हैं
टिफ़िन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता है..!
दूर मुझसे हो गया बचपन मगर
मुझमें बच्चे सा मचलता कौन है..!
मेरे दिल के किसी कोने में, एक मासूम सा बच्चा
बड़ों की देख कर दुनिया, बड़ा होने से डरता है..!
झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम
ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे..!
कोई स्कूल की घंटी बजा दे
ये बच्चा मुस्कुराना चाहता है..!
बचपन में आकाश को छूता सा लगता था
इस पीपल की शाख़ें अब कितनी नीची हैं..!
तूफ़ानी बारिश घर में सैलाब का आलम
ठंडा चूल्हा भूखा बचपन याद आता है..!
अपनी-अपनी ज़िद पे अड़ने को हुए बच्चे जवां
और बुज़ुर्गों का मकां नादानियों में बंट गया..!
अब तक हमारी उम्र का बचपन नहीं गया
घर से चले थे जेब के पैसे गिरा दिए..!
इक खिलौना जोगी से खो गया था बचपन में
ढूँढता फिरा उस को वो नगर नगर तन्हा..!
कौन कहे मा’सूम हमारा बचपन था
खेल में भी तो आधा आधा आँगन था..!
ये ज़िंदगी कुछ भी हो मगर अपने लिए तो
कुछ भी नहीं बच्चों की शरारत के अलावा..!
हमारे मुँह पे उस ने आइने से धूप तक फेंकी
अभी तक हम समझ कर उस को बच्चा छोड़ देते हैं..!
बचपन में हम ही थे या था और कोई
वहशत सी होने लगती है यादों से..!
फ़क़त माल-ओ-ज़र-ए-दीवार-ओ-दर अच्छा नहीं लगता
जहाँ बच्चे नहीं होते वो घर अच्छा नहीं लगता..!
Bachpan ki Dosti Shayari in Hindi – मासूम दोस्ती के सुनहरे लम्हों को बयां करती प्यारी शायरी
दोस्ती तो हर उम्र में होती है लेकिन बचपन में की गई दोस्ती की कुछ बात ही अलग है. बचपन में की गई दोस्ती हमें जिंदगी भर याद आती है. अगर आपके पास भी कोई ऐसा दोस्त है जो आपके साथ बचपन से ही तो यह शायरी आप अपनी उन खास दोस्त को भेज सकते हो. यह शायरी आपकी दोस्ती की रिश्ते को और भी खास और गहरा कर देगी.
मासूमियत थी जब वो पहली दोस्ती,
हँसी थी हर ग़म में, बसा था दिलों में जुड़ाव की खुशबू..!
बचपन की वो दोस्ती, जो हर दर्द में साथ निभाए,
सच्चे यार थे जो हर पल हमें हँसाए..!
हम थे बचपन के दो दोस्त, निभाते थे हर वादा,
खेलते थे मिलकर सपनों की मस्ती का सवेरा..!
दोस्ती थी जैसे बचपन का कोई खजाना,
जिसमें छुपी थी खुशियों की अनमोल कहानी..!
बचपन की वो दोस्ती, दिल में समाई,
हर लम्हा यादों का गुलशन बन गई..!
मोहब्बत नहीं थी बस दोस्ती थी बचपन की,
जो दिल के कोने-कोने में बस गई..!
खेल-कूद और हँसी में गुज़रा बचपन हमारा,
दोस्ती की मिठास थी सबसे प्यारा सहारा..!
दोस्त वो जो बचपन के रंग भर दे,
साथ हो जब, हर पल जादू कर दे..!
गुज़री बचपन की वो मीठी यादें,
दोस्ती ने जो दिलों को बाँधें..!
बचपन की वो प्यारी दोस्ती,
हर दर्द को हँसी में बदलती..!
दोस्ती थी बचपन की, दिलों की जुबां,
हर सफ़र में थी साथ की शान..!
मासूम बचपन, प्यारी दोस्ती,
हर लम्हा था अनमोल खुशी..!
बचपन के दोस्त थे जैसे चाँद तारे,
जिन्हें देख दिल को मिलते थे सहारे..!
मिलती थी खुशी हर उस मुस्कान में,
जो बचपन की दोस्ती के नाम में..!
दोस्ती थी बचपन की, एक सच्चा खजाना,
जो दिल को छू जाए, हर दिल का तराना..!
खेलते थे हम बचपन में मिलकर,
दोस्ती ने दिलों को जोड़कर..!
बचपन की दोस्ती में थी मासूमियत इतनी,
हर खुशी में साथ थे, हर ग़म में सुकून इतनी..!
दोस्ती थी बचपन की वो मीठी याद,
जो दिल से कभी न जाएं बाढ़..!
मासूम बचपन की वो दोस्ती निभाई,
हर पल में खुशी के गीत गाए..!
बचपन की दोस्ती थी जैसे फूलों का बाग,
हर दिल को महकाए, हर दर्द को भाग..!
दोस्ती बचपन की, दिल का सुकून,
हर पल साथ रहे, जैसे कोई जूनून..!
बचपन की वो दोस्ती, अनमोल तोहफा,
जो जीवन भर निभाए साथ अपना..!
Heart Touching Bachpan ka Pyar Shayari in Hindi – बचपन की ऐसी शायरी जो आपकी दिल को छू जाए
बचपन की यादें जो हर वक्त हमारे दिल में होती है , जो यादें हमारे दिल को छू जाती है , कुछ खास पाल जिसे हम बचपन में बिताए हैं , इस तरह की यादों को बयां करने के लिए एक खास तरह की शायरियां लिखी जाती है , यह शायरियां है बचपन की शायरी. बचपन की यादों को याद करके जो शायरी लिखी जाती है वह बहुत ही खास और बहुत ही दिल को छू जाने वाली होती है. आज की शायरी की कलेक्शन ने हमने ऐसे ही कुछ दिल को छू जाने वाली बचपन की प्यार के ऊपर शायरियां लिखी है. बचपन में जो प्यार होता है वह बहुत ही सच्चा प्यार है. इस तरह के पलों को याद करने के लिए हमने यह शायरियां पेश की है. अगर आपकी बचपन में भी कुछ ऐसे ही घटना घटी है तो आपको हमारी शायरियां पढ़कर बहुत ही मजा आएगी.
बचपन की वो दोस्ती, बचपन का प्यार,
ना कोई फिक्र थी, ना था कोई व्यापार..!
दिल की वो मासूमियत, कभी न खोई जाए,
यादों के सफ़र में बस यही रहे यार..!
नन्हे कदमों की वो मीठी दस्तक,
बचपन का प्यार दिल से कभी न हटे..!
खिलखिलाती हँसी, फूलों जैसी बातें,
जैसे हो दिल का सच्चा संगी-साथी..!
बचपन का प्यार, वो मीठा अफसाना,
जिसमें न हो कोई धोखा, न हो कोई ताना..!
सपनों में बसा वो नन्हा जहां,
जहाँ बसता था दिल का गुड़िया का खाना..!
बचपन की दोस्ती का वो अनमोल प्यार,
जैसे सुबह की पहली किरण का त्यौहार..!
साथ गुजरे पल जो दिल में बस गए,
वो यादें दिल को आज भी बहलाए..!
वो बचपन की मोहब्बत, वो प्यारी बातें,
दिल में छुपा हर एक एहसास की रातें..!
साथ थे हम हर खुशी के मेले में,
जैसे कोई सपनों का खेला..!
बचपन के वो पल, बचपन की वो बातें,
दिल में बसाये कई मीठे ख्वाबों के नाते..!
नफरत और झूठ से दूर था संसार,
सिर्फ़ था प्यार और दोस्ती का व्यापार..!
वो बचपन का प्यार, वो दिल की मासूमियत,
हर सुबह लाता था खुशियों की सौगात..!
साथ गुजरे दिन जो दिल को छू जाएं,
वो पल लौटकर फिर न आए..!
खुशबू थी बचपन की, और प्यार था सबसे प्यारा,
हर खिलखिलाहट में था दिल का सहारा..!
वो नन्हे कदम जो चल पड़े संग-संग,
जीवन की राहों में थे जैसे रंग..!
बचपन का प्यार था दिल से बेहद खास,
हर खुशी में था उसका ही पास..!
वो हँसी, वो बातें, वो छुपा हुआ प्यार,
जैसे कोई प्यारा सा उपहार..!
बचपन की यादों में वो मीठा प्यार,
संग बीते थे जो हर एक हजार..!
दिल में जो बसे थे नन्हे सपने,
आज भी देते हैं खुशी के अफसाने..!
वो बचपन का प्यार, वो मासूम दिल,
जैसे जीवन का सबसे हसीन सिलसिला..!
हर मुस्कुराहट में था सच्चा जज्बा,
जो आज भी यादों में मचलता है..!
बचपन की दोस्ती, बचपन का प्यार,
हर दिन था एक नया त्यौहार..!
दिल में संजोए हमने वो मीठे पल,
जो रहे सदा हमारे अपार..!
बचपन की वो मासूम मोहब्बत थी,
जिसमें दिल था बस सच्चा और साफ़..!
वो पहले दोस्त, पहला प्यार,
अब भी यादों में है उसका नाम..!
बचपन की यादें, वो मीठा प्यार,
ना कोई दुआ, ना कोई फिकर का वार..!
हाथों में हाथ लिए, वो दोस्ताना,
जैसे बसंत की पहली बहार..!
मिट्टी की खुशबू और बचपन का प्यार,
हर ज़ख्म को देता था ये बहार..!
कुछ पल जो गुज़रे बचपन की गलियों में,
दिल में छुपाए अनमोल उपहार..!
वो बचपन का प्यार भी क्या खूब था,
न शिकायत, न कोई झूठ था..!
दिल से दिल तक पहुंचता था,
सच्चा और सुकून का झोंका था..!
बचपन की मोहब्बत, बचपन की बातें,
कुछ खट्टी-मीठी, कुछ प्यारी यादें..!
दिल में छुपा वो पहला प्यार,
जैसे हो चाँदनी की मुलायम फुहार..!
वो बचपन के दिन, वो बचपन का प्यार,
भीगे सपनों में था बस तुम्हारा इकरार..!
खिलखिलाते हँसते थे हम दोनों,
जैसे पूरा जहाँ हो हमारा घरवार..!
बचपन का प्यार, वो मासूम अहसास,
न जाने क्यों याद आता है आज..!
फूलों सी खुशबू थी हर बात में,
और दिल में थी सिर्फ तुम्हारी आस..!
खेल के मैदान में वो बचपन का प्यार,
हर दिल था खिलखिलाता त्यौहार..!
साथ बिताए वो हँसी के पल,
जीवन का सबसे प्यारा उपहार..!
बचपन का प्यार दिल को छू जाता है,
हर दर्द को भी मीठा बना जाता है..!
वो मासूम हँसी, वो प्यारा चेहरा,
अब भी दिल के कोने में मुस्काता है..!
वो बचपन के दोस्त और बचपन का प्यार,
संग थे जैसे चाँद और सितारा..!
सपनों की दुनिया थी जो बसायी थी,
जहाँ था बस सच्चा और मीठा नज़ारा..!
Bachpan Shayari in English or Roman English – बचपन की मासूमियत को हर अंदाज़ में बयां करती खूबसूरत शायरी
हमने हमारी इन शायरी के कलेक्शन में बचपन के ऊपर रोमन इंग्लिश वाली शायरियां भी पेश की है. बचपन एक बहुत ही खास समय है, जहां पर हमारी बहुत ही खासियत छुपी है. उन यादों को ताजा करने के लिए हमने यह बचपन शायरी वह भी रोमन इंग्लिश वाले लिखी है. यह शायरियां पढ़ने में आसान है और दिल को छू जाती है.
Bachpan ki hasi mein chhupa tha ek jahaan,
A world was hidden in the laughter of childhood,
Jahan na thi koi fikr, na tha koi afsaan..!
Where there was no worry, no story..!
Mitti ke khel, aur woh baarish ki boondein,
Mud games, and those fun in the rain,
Woh yaadein hain jo kabhi na honge khoondein..!
Those are memories that will never be lost..!
Gudgudahat se ghar gunjta tha wo har din,
Every day the house used to resound with laughter,
Bachpan ka pyaar tha sabse apna, sabse kin..!
Childhood love was ours, the most precious..!
School ki chhutti, aur woh dost purane,
School holidays, and those old friends,
Har pal bhanwara jaisa, kabhi na jaane..!
Every moment was like a rainforest, never to be forgotten..!
Bachpan ki dosti thi nirmal aur pyari,
Childhood friendship was pure and sweet,
Jo aaj bhi dil mein basi hai saari..!
Which is still in my heart..!
Chhoti chhoti baatein thi woh sabse badi khushi,
Small things were the biggest happiness,
Bachpan ke din hamesha rahein yaad hamesha hansi..!
Childhood days are always remembered, always filled with laughter..!
Wo pehli baar ka peda hua dost,
That first born friend,
Jo dil mein rahe sadaa hamesha host..!
Who is always a host in the heart..!
Bachpan ke sapne, wo anokhi duniya,
Childhood dreams, that unique world,
Jahan har chehra tha apna aur pyara hi sahiya..!
Where every face was our own and dear companion..!
Dhoop mein khelte the, chhaya mein chhupte the,
We used to play in the sun, hide in the shade,
Bachpan ki masti mein hum khud ko bhoolte the..!
We used to forget ourselves in the fun of childhood..!
Gudiya ki duniya, aur lattu ke khel,
The world of dolls, and games with lattu,
Bachpan ke yeh pal hain sabse anmol khel..!
These moments of childhood are the most precious games..!
Nanha sa dil tha, bina kisi jhagde ke,
I had a small heart, without any struggle,
Bachpan ki yaadein hain sabse pyare mele ke..!
Childhood memories are my dearest..!
Har chhoti si khushi thi dil ke aasman,
Every little joy was the sky of my heart,
Bachpan ki duniya thi khilta hua gulshan..!
The world of childhood was a blooming garden..!
Ghar ke angan mein khelte the hum,
We used to play in the courtyard of our house,
Bachpan ki masti mein sab kuch tha gum..!
Everything was lost in the fun of childhood..!
Woh pehli baar ki chhutti ki khushi,
That first joy of a holiday,
Bachpan ke din hamesha the sabse haseen sadi..!
Childhood days were always the most beautiful..!
Pehli dosti ki mithas thi kuch alag,
The memories of the first friendship were something different,
Bachpan ke raaste the sada khushiyon se bhare..!
The paths of childhood were always full of happiness..!
Na jaane kyu dil ko woh pal chhoo jaate hain,
I don’t know why those moments touch my heart,
Bachpan ke woh din hamesha yaad aate hain..!
I always remember those childhood days..!
Maa ke haath ka khana, aur wo pyara sa pyar,
Maa’s handmade food, and that sweet love,
Bachpan ki baatein hain sabse pyare sansar..!
Childhood things are the dearest in the world..!
Har aansu bhi tha ek chhupa hua khazana,
Every tear was also a hidden treasure,
Bachpan ke dino mein tha sachcha afsana..!
There was a true story in childhood days..!
Conclusion:
हमारी इस शायरी की कलेक्शन में हमने बहुत तरह की बचपन की शायरियां पेश करी है, जैसे की बचपन की दोस्ती शायरी , बचपन की प्यार के ऊपर शायरी , दो लाइन वाली बचपन शायरी, रोमन इंग्लिश वाली बचपन शायरी , और भी तरह-तरह की बचपन शायरी. उम्मीद है आपको हमारी लिखी गई शायरियां पसंद आई होगी. और हमारी यह शायरियां पढ़कर आपको आपकी बचपन की उन हसीन पल याद आई होगी. आकर आप अपनी किसी खास इंसान को भी बचपन की याद दिलाना चाहते हो तो हमारी यह शायरियां आप अपनी उन दोस्तों को भेज सकते हो. अगर आपको हमारी लिखी गई शायरियां पसंद आई है तो आप हमारी दूसरी शायरी जैसे – लव शायरी भी पढ़ सकते हो.
FAQs:
Question: लोग बचपन की शायरी क्यों पसंद करते हैं?
Answer: क्योंकि ये हमें हमारे सुनहरे और बेफ़िक्र दिनों की याद दिलाती है और दिल को सुकून देती है।
Question: बचपन की शायरी कहाँ इस्तेमाल की जा सकती है?
Answer: इसे सोशल मीडिया पोस्ट, स्टेटस, दोस्तों को भेजने और स्कूल-फ्रेंड्स रीयूनियन में इस्तेमाल किया जा सकता है।
Question: क्या बचपन की शायरी मज़ेदार भी हो सकती है?
Answer: हाँ, कई शायरियाँ बचपन की शरारतों और मस्ती पर लिखी जाती हैं जो पढ़कर हँसी आ जाती है।